तूफान पीड़ितों से मिलने गए थे योगी, चादर गंदी देख भड़के

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आगरा। कर्नाटक दौरा बीच में छोड़ प्राकृतिक आपदा से सर्वाधिक प्रभावित ताजनगरी आगरा पहुंचे उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार सुबह एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में भर्ती घायलों से बातचीत की और उनका हाल जाना।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार योगी सुबह करीब 8.15 बजे सरोजनी नायडू (एसएन) मेडिकल कॉलेज गए और वहां भर्ती 21 मरीजों से बारी-बारी हालचाल पूछा। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में चादर गंदी मिलने पर अधिकारियों को भी लगाई और प्राचार्य डॉ. सरोज सिंह से स्पष्टीकरण मांगा। प्राचार्य ने मुख्यमंत्री को बताया कि यहां 34 मरीज भर्ती हुए थे जिनमें अब 21 मरीजों का सर्जरी बिल्डिंग में इलाज चल रहा है।
योगी ने यहां भर्ती बाद 5 माह की बच्ची दिव्यांशी को गोद में लेकर खिलाया। वह अपने भाई के
साथ यहां भर्ती है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने जिला अस्पताल में तूफान पीड़ितों से मुलाकात की
और यहां अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए।
प्रवक्ता ने बताया कि योगी खैरागढ़ के बुडेरा का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद शाहवेद, फतेहाबाद भी जाएंगे। यहां
तूफान से 2 बच्चों की नरेन्द्र (12) और संजना (5) की मौत हो गई थी।
उन्होंने बताया कि बुधवार को आगरा सहित राज्य के करीब 22 जिलों में आई आंधी और चक्रवाती तूफान में 75 लोगों की मृत्यु हुई जिसमें सबसे अधिक आगरा मंडल में 43 लोगों की मृत्यु हुई थी और अनेक घायल हुए थे। तूफान पीड़ितों से मिलने और प्रभावित इलाके का दौरान करने के लिए मुख्यमंत्री कर्नाटक का चुनावी दौरान छोड़कर शुक्रवार शाम आगरा पहुंचे थे।
योगी ने कहा कि तूफान से प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद की जाएगी। घायलों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी गौरव दयाल से तूफान में हताहतों के बारे में पूछा और मारे गए लोगों के परिजनों को राहत राशि के संबंध में जानकारी की। इस संबंध में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को विस्तार से जानकारी देते बताया कि अधिकांश लोगों को चेक दे दिए गए हैं। कुछ रोक लिए गए हैं, जो आपके हाथों से दिलाए जाएगे।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि घायलों के इलाज में किसी तरह की कमी न रहने पाए। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों को बता दिया जाए कि इस काम को शीर्ष प्राथमिकता से लें, साथ ही अन्य पीड़ित लोगों की भी हरसंभव मदद की जाए, नुकसान का भी सही तरह से आकलन किया जाए। साथ ही उनको उचित मुआवजा दिया जाए

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