नई आफतः पांच राज्यों में हांफ रहे एटीएम, नहीं उगल रहे पैसे

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एटीएम में पैसे न होने की वजह से लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। खबर मिली है कि देश के पांच राज्य बिहार, गुजरात, मध्य प्रदेश (एमपी), उत्तर प्रदेश (यूपी) और तेलंगाना के कई शहरों में एटीएम खाली हो चुके हैं। इस वजह से लोग परेशान होकर दिन-रात एटीएम के चक्कर काट रहे हैं। वे अपनी आवश्यकताएं पूरी कर सकें।
एटीएम की चक्कर लगा रहे हैं लोग

बताया गया है कि इस वक्त बिहार और गुजरात सबसे अधिक कैश संकट के दौर से गुजर रहे हैं। इन राज्यों में एटीएम खाली है और लोग हैरान-परेशान से सड़कों पर घुम-घुमकर एटीएम की चक्कर लगाते दिख रहे हैं।
तेजस्वी ने केंद्र पर साधा निशाना
कैश संकट को लेकर बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘नोटबंदी घोटाले का असर इतना व्यापक है कि बैंको ने हाथ खड़े कर रखे हैं। नए नोट सर्कुलेशन से क्यों गायब है।’ उन्होंने सवाल किया।

तेलंगाना में नकदी संकट
यही हाल तेलंगाना राज्य में भी देखने को मिल रहा है। यहां  कई जगहों के एटीएम में पैसे नहीं होने की शिकायत मिली है। एक व्यक्ति ने कहा कि, एटीएम खाली है और पैसे न मिल पाने की वजह से दिक्कत हो रही है।

इधर जानकारी मिल रही है कि नकदी संकट को देखते हुए उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बैठक बुलाई है।

पुराने दिन याद आ गए
कैश संकट से जूझ रहे इन चार राज्यों के लोगों को फिर से 8 नवंबर 2017 की वो रात (8 बजे, भारतीय समयानुसार) याद आ गई जिस वक्त पीएम मोदी ने अचानक राष्ट्र को दिए अपने संबोधन में विमुद्रिकरण (नोटबंदी) की घोषणा की थी।

क्यों हो रही है कैश की दिक्कत
जानकारी के अनुसार बिहार जोन के एजीएम (पीआर) ने बताया है कि कैश डिपॉजिट का फ्लो कम हुआ है। खबरों की माने तो आरबीआई ने कैश संकट की बड़ी वजह त्यौहारी मांग बताई है। खबर यह भी मिल रही है कि नकदी संकट ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगा, एक दो दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी।
कालेधन पर अंकुश लगाने को लेकर की गई थी नोटबंदी
बता दें कि आठ नवंबर 2016 को कालेधन पर अंकुश लगाने को लेकर पीएम मोदी ने 500 और 1000 के पुराने नोटो का चलन बंद करने की घोषणा की थी। इस घोषणा की विपक्ष ने कड़ी निंदा की थी और मोदी नीत केंद्र सरकार को लोगों को इससे हो रही परेशानी के लिए जिम्मेदार ठहराया था।

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